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Thursday, 21 June 2012

पद्य - ७६ - पर्यावरण बचाउ (बाल कविता)


पर्यावरण बचाउ
(बाल कविता)



अपन  माए  केर  प्राण  बचाबी,
आउ   आइ   संकल्प    करी ।
हाबा – पानि  आ  माटि  बचाबी,
पर्यावरण    प्रशस्त     करी ।।


एक छल  राजा, एक  छलि रानी,
सुनने  होयब  कतोक  पिहानी ।
आइ   कहानी  मे  नञि  राजा,
नहिञे   थिकीह  कोनहु  रानी ।।
सुनू  आइ  एहने  एक  खिस्सा,
जकर  पात्र  हम  सभ  प्राणी ।
सुरूजक  धियापुता नवग्रह अछि,
धरा -  दुलारी - धी  - रानी ।।


इएह माटिक उपजा छी हम सभ,
हम सभ इएह धरतीक सन्तान ।
एकरहि  छाती  चीरि  उगैत’छि,
गहूम धान  आ  आम लताम ।।
ओकरहि हरियर - हरियर आँचर,
गाछ बिरिछ  पोषए अछि प्राण ।
माए थिकीह हम आओर कहू की,
करू की हुनि महिमा गुणगान ??


ई  धरती  अनुपम   छी  बौआ,
जिनगी   केर  प्रत्यक्ष  ठेकान ।
आन  कतहु  एखनहु धरि दैय्या,
जिनगी तँ अछि  बस अनुमान ।।
आइ एखन धरि  जे बूझल अछि,
धरती   सभसँ   अजगुत  छी ।
एहि धरती केर  जैवक्षितिज पर,
मनुखक  रचना  अद्भुत   छी ।।


पर  “अद्भुत”  केर  अहङ्कार  मे,
अपनहि  नाश  करै  छी   हम ।
ठोहि  पारि  विज्ञान  कनै  अछि,
देखि  अपन  अनुचित  उपक्रम ।।
हबा   बहै  अछि   जहर   भरल,
आ पानि  प्रदूषित कलुषित अछि ।
कतेक   अनेरो    हल्ला – गुल्ला,
माथ  मनुक्खक  बोझिल अछि ।।


अपन  माए  केर  प्राण  बचाबी,
आउ   आइ   संकल्प    करी ।
हाबा – पानि  आ  माटि  बचाबी,
पर्यावरण    प्रशस्त     करी ।।
कम - सँ - कम   ततबा   रोपी,
जतबा  गाछी  हम  नष्ट  करी ।
विज्ञानक    सद्‌ - अर्थ    बुझी,
नञि अनुचित बूझि  अनर्थ करी ।।





विश्व पर्यावरण दिन (दिवस) २०‍१२ ई॰ केर लोगो





हरेक साल २२ अप्रील कऽ अन्तर्राष्ट्रिय धरती माए दिवस (International Mother Earth Day) आ ०५ जून कऽ विश्व पर्यावरण दिवस  (World Environment Day) मनाओल जाइत अछि । 

पहिल अन्तर्राष्ट्रिय धरती माए दिवस १९७० ई॰ मे मनाओल गेल आ ताहि समय एकर नाँव छल विश्व धरा दिवस (World Earth Day) ।

पहिल विश्व पर्यावरण दिन ‍ १९७३ ई॰ मे मनाओल गेल छल ।








डॉ॰ शशिधर कुमर “विदेह”                              


“विदेह” पाक्षिक मैथिली इ – पत्रिका,   वर्ष – ५, मास – ५४,  अंक – ‍१०८,  ‍दिनांक - १५ जून २०१२ , स्तम्भ – बालानां कृते, मे प्रकाशित ।


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