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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

Tuesday, 27 March 2012

मैथिली साहित्यकार संक्षिप्त परिचय पात - ‍१



मैथिली कोकिल, महाकवि, “विद्यापति”
MAITHILĪ KOKIL, MAHĀKAVI , “VIDYĀPATI”
















मूल नाँव
स्व॰ विद्यापति ठाकुर




जन्म स्थान
बिस्फी या बिसपी(मधुबनी, मिथिला, भारत) 




काल
१३६० ई॰ सँ ‍१४४० ई॰ धरि लगभग (अनुमानित)




समकालीन राजाश्रय
‍१) राजा शिवसिंह
२) राजा भोगेश्वर सिंह




उपाधि
‍१) मैथिली कोकिल, 
२) महाकवि, 
३) अभिनव जयदेव




प्रमुख रचना


"मैथिली पदावली"
(जकर संख्या हजारहु मे अछि आ एखनहु प्राप्त रचना सभ पुर्ण 
संख्याक द्योतक नञि कहल जाइछ) 




आन रचना सभ


‍१) मणिमञ्जरी (पहिल रचना, नाटक, संस्कृत), 

२) पुरूष परीक्षा, 

३) लिखनावली,

४) कीर्त्तिलता, 

५) कीर्त्तिपताका, 

६) शैवसर्वस्वसार,

७) वर्षकृत्य, 

 ८) दुर्गाभक्तितरङ्गिनी, 

९) भू - परिक्रमा, ‍

१०) विभागसार, 

‍१‍१) दानवाक्यावली,

‍१२) गोरक्षविजय,

‍१३) गयापुत्तलक



चलचित्र निर्माण (विद्यापति केर जिनगी सँ सम्बन्धित) 
‍१विद्यापति (हिन्दी, ‍१९३७ ई॰, देबकी बोस निर्देशित), 
२) विद्यापति (हिन्दी, १९६४ ई॰, प्रह्लाद शर्मा निर्देशित), 
३) कखन हरब दुख मोर (मैथिली,२००५ ई॰, संतोष बादल निर्देशित ‍) 


विशेष (प्रेरणास्रोत)
‍१) बाङ्गलाक प्रशिद्ध कवि "गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर" हिनकहि सँ प्रेरित भऽ "भानुसिंहेर पदावली" नाम सँ प्रारम्भिक रचना सभ कएलन्हि । 
२) बङ्गाल व उड़ीसा मे विद्यापतिक परवर्ती साहित्कार विद्यापति सँ प्रेरित भए हुनिकहि सदृश रचना करबाक क्रम मे "ब्रजबूलि" (व्रजबोली नञि)  नामक एक गोट नऽव साहित्यिक भाषा केँ जन्म देलन्हि जे वस्तुतः मैथिलीक संग बाङ्गला वा उड़िया केर मिश्रित स्वरूप छल (ब्रजबूलि = मैथिली + बाङ्गला वा उड़िया)  ।

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