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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

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Monday, 18 July 2016

पद्य - ‍२०९ - लालबोङ्गी या ललबोंगी (बाल कविता)

लालबोङ्गी या ललबोंगी (बाल कविता)




छोट चिड़ैञा मीठ बाजैत अछि ।
पेटक निचला भाग लाल अछि ।
इएह कारणेँ भरि मिथिलामे, चिड़ै ओ “लालबोङ्गी” कहबैतछि ।।*‍१

किछु केर  माथ छै  पूरा कारी ।
पेटहु    उज्जर - भूरा - कारी ।
मुदा पेट केर निचला हिस्सा, लाल − तेँ लालबोङ्गी कहबैतछि ।।*‍२

आनक  छाती,  पेटहु  उज्जर ।
आँखिक पाछाँ लाल छी सुन्नर ।
एकरहु पेटक निचला हिस्सा, लाल − तेँ लालबोङ्गी कहबैतछि ।।*‍३

दुहुक  माथ पर  कारी कलगी ।
पहिलुक छोट,  दोसरक बड़की ।
दूरसँ देखि कऽ भ्रमित भेलहुँ हम, दू-दू टा किए लोल रहैतछि !! *‍४

बोल मीठ  एहि दुहु  प्रकारक ।
छी सदस्य  बुलबुल परिवारक ।
बुलबुल रहितहुँ रूप विशिष्टहि,  तेँ ओ लालबोङ्गी कहबैतछि ।।*‍५





संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

*‍१ - मैथिलीमे व्यापक रूपेँ मनुक्खक “वङ्क्षण-प्रदेश”केँ (INGUINAL REGION) “बोङ्ग” कहल जाइत अछि, जे कि पेटक नीचाँ अवस्थित होइत अछि । ओना अतिसीमित अर्थमे “वृषण” (TESTIES) सेहो होइत अछि मुदा, एहि ठाम अभिप्राय वङ्क्षण-प्रदेशहिसँ अछि । चूँकि, एहि चिड़ै केर पेटक निचलुका भाग लाल होइत अछि तेँ साम्यक आधार पर एकर नाम “लालबोङ्गी / ललबोंगी” पड़ल ।

*‍२ - किछु लालबोङ्गीक माथ पूरा कारी होइत अछि गर्दनि केर अगिला भाग, वक्ष (छाती) ओ उदर (पेट) सेहो भूरा - कारी सनि रंगक होइत अछि । एकर कनपट्टीमे लाल रंग नञि होइत अछि । पर, वङ्क्षण-प्रदेश लाल अवश्य रहैत अछि । ई चिड़ै भेल “कारी मूरीबला लालबोङ्गी” जकरा अंग्रेजीमे RED VENTED BULBUL कहल जाइत अछि ।

*‍३ - किछु लालबोङ्गीक कनपट्टीमे दुहु कात लाल रंगक एकटा पट्टी रहैत अछि संगहि ओकर वङ्क्षण-प्रदेश सेहो लाल रहैत अछि । ओकर गर्दनि केर अगिला भाग, वक्ष (छाती) ओ उदर (पेट) स्वच्छ उज्जर रंगक होइत अछि । ई चिड़ै भेल “लाल कनपट्टीबला लालबोङ्गी” जकरा अंग्रेजीमे RED WHISKERED BULBUL कहल जाइत अछि ।

*‍४ - दुहु प्रकारक लालबोङ्गीक माथक ऊपर एक-एक गोट कारी रंगक नमगर-तिकोणी (NARROW ELONGATED TRIANGULAR) कलगी (CREST) होइत अछि । लाल कनपट्टीबला लालबोङ्गी केर कलगी अपेक्षाकृत बेसी पैघ होइत अछि आ दूरसँ एहेन सनि लागैत अछि जेना ओहि चिड़ैकेँ दूटा लोल होअए − एकटा नीचाँ मूँहें आ दोसर ऊपर मूँहें ।

*‍५ - अरबी, फारसी, हिन्दी आदि भाषासभमे ई “बुलबुल” नामक चिड़ै केर अन्तर्गतहि आबैत अछि मुदा, मैथिलीमे एकर विशिष्ट रंगक कारण एकरा पृथक नाम देल गेल अछि । ओना, प्राणीशास्त्रक अनुसारेँ बुलबुल परिवार (Family - PYCNONOTIDAE) केर सदस्य तँऽ अछिअहि (अछिए) ।



मैथिली पाक्षिक इण्टरनेट पत्रिका “विदेह” केर ‍205म अंक (‍01 जुलाई 2016) (वर्ष 9, मास 103, अंक ‍205) केर “बालानां कृते” स्तम्भमे प्रकाशित ।




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