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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

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Friday, 6 April 2012

मैथिली साहित्यकार संक्षिप्त परिचय पात - ४


श्री रबिन्द्र नाथ ठाकुर
Shri  RABINDRA  NĀTH  THĀKUR





जन्म
०७ अप्रील ‍१९३६

जन्म स्थान 
धमदाहा (दक्षिणबारि टोल) , पुर्णिञा (पुर्णियाँ), मिथिला, भारत, पिन कोड - ८५४२०५

प्रमुख प्रकाशित कृति

‍‍१) चलू चलू बहिना (मैथिली गीत संग्रह)
२) जहिना छी तहिना (मैथिली गीत संग्रह)
३) स्वतन्त्रता अमर हो हमर (मैथिली देशभक्ति गीत संग्रह)
४) प्रगीत (मैथिली गीत संग्रह) 
५) सुगीत (मैथिली गीत संग्रह) 
६) अतिगीत (मैथिली गीत संग्रह) 
७) रविन्द्र पदावली  (मैथिली गीत संग्रह)
८) पञ्चकन्या (मैथिली महाकाव्य) 
९) नरगंगा (मैथिली मिनी महाकाव्य) 
१०) चित्र विचित्र (मैथिली कविता संग्रह) 
१‍१) श्रीमान गोनू झा (मैथिली उपन्यास) 
१२) एक राति (मैथिली नाटक)
१३) एक मिनट की रानी (हिन्दी नाटक) 
१४) लेखनी एक रंग अनेक (प्रयोगधर्मी मैथिली काव्य - मैथिली गजल संग्रह)
१५) श्री सीता चालीसा (अमुद्रित पर श्री अवनीन्द्र ठाकुर आ श्रीमति संगीता ठाकुरक स्वर मे ऑडियो कैसेटक रूप मे प्रकाशित) 


विशेष
मैथिलीक बहुचर्चित चलचित्र "ममता गाबय गीत" केर गीतकार व चलचित्र निर्माण पूरा करबा मे महत्त्वपुर्ण योगदान ।


मैथिली मञ्च सभ पर स्व॰ महेन्द्र झा जी केर संग गायन । अधिकांशतः साजरहित गायन, तथापि स्रोता केँ मन्त्रमुग्ध करबाक अद्भुत क्षमता ।


स्व॰ महेन्द्र झाजी आ श्री रबिन्द्र नाथ ठाकुर जी (साभार चित्र सौजन्य - श्रीमति गुलसारिका ठाकुर) 







Thursday, 29 March 2012

मैथिली साहित्यकार संक्षिप्त परिचय पात - ३

प्रो॰ (स्व॰) हरिमोहन झा
Prf. (Late)  HARIMOHAN  JHĀ







जन्म
१८ सितम्बर ‍१९०८ ई॰

जन्म स्थान
कुमर बाजितपुर, वैशाली, मिथिला, भारत

पिता
पं॰ (स्व॰)  जनार्दन झा "जनसीदन"

सद्गति
१९८४ ई॰

मैथिली मे प्रकाशित कृति
‍१) कन्यादान (‍उपन्यास,१९३३ ई॰, मैथिलीक पहिल फिल्मक आधार ग्रण्थ) 
२) द्विरागमन (‍उपन्यास, १९४३ ई॰) 
३) प्रणम्य देवता (‍व्यङ्ग्य कथा संग्रह, १९४५ ई॰) 
४) खट्टर ककाक तरंग (व्यङ्ग्य कथा संग्रह, ‍१९४८ ई॰) 
५) एकादशी (व्यङ्ग्य कथा संग्रह, ) 
६) रंगशाला (‍व्यङ्ग्य कथा संग्रह,१९४९  ई॰) 
७) चर्चरी (व्यङ्ग्य कथा संग्रह, ‍१९६० ई॰) 
८) जीवन यात्रा ( जीवनी, ‍१९८४ ई॰, मरणोपरान्त ‍१९८५ ई॰ मे साहित्य अकादमी पुरुस्कार) 
९) हरिमोहन झा रचनावली , भाग ‍१ - ४ (पहिल ३ भाग मे उपरोक्त रचना सभ संकलित, ४म भाग मे अप्रकाशित पद्य रचना सभक संकलन) 

Wednesday, 28 March 2012

मैथिली साहित्यकार संक्षिप्त परिचय पात - २


स्व॰ आरसी प्रसाद सिंह
Late  ĀRASĪ PRASĀD SINGH










जन्म
१९ अगस्त ‍१९‍१‍१ ई॰

जन्म स्थान
एरौत, समस्तीपुर, मिथिला, भारत

सद्गति
‍१५  नवम्बर १९९६ ई॰

प्रकाशित कृति

‍१) मा‍टिक दीप (मैथिली काव्य संग्रह)
२) पूजाक फूल (मैथिली काव्य संग्रह) 
३) मेघदूत (मैथिली काव्यानुवाद)
४) सूर्यमुखी ( मैथिली काव्य संग्रह, एहि पोथी पर ‍१९४८ ई॰ मे साहित्य अकादमी पुरुस्कार) 
५) कागज की नाव (हिन्दी) 
६) अनमोल वचन (हिन्दी)



मैथिली मे अप्रकाशित कृति
) कविता संग्रह
२) विविधा

 

Tuesday, 27 March 2012

मैथिली साहित्यकार संक्षिप्त परिचय पात - ‍१



मैथिली कोकिल, महाकवि, “विद्यापति”
MAITHILĪ KOKIL, MAHĀKAVI , “VIDYĀPATI”
















मूल नाँव
स्व॰ विद्यापति ठाकुर




जन्म स्थान
बिस्फी या बिसपी(मधुबनी, मिथिला, भारत) 




काल
१३६० ई॰ सँ ‍१४४० ई॰ धरि लगभग (अनुमानित)




समकालीन राजाश्रय
‍१) राजा शिवसिंह
२) राजा भोगेश्वर सिंह




उपाधि
‍१) मैथिली कोकिल, 
२) महाकवि, 
३) अभिनव जयदेव




प्रमुख रचना


"मैथिली पदावली"
(जकर संख्या हजारहु मे अछि आ एखनहु प्राप्त रचना सभ पुर्ण 
संख्याक द्योतक नञि कहल जाइछ) 




आन रचना सभ


‍१) मणिमञ्जरी (पहिल रचना, नाटक, संस्कृत), 

२) पुरूष परीक्षा, 

३) लिखनावली,

४) कीर्त्तिलता, 

५) कीर्त्तिपताका, 

६) शैवसर्वस्वसार,

७) वर्षकृत्य, 

 ८) दुर्गाभक्तितरङ्गिनी, 

९) भू - परिक्रमा, ‍

१०) विभागसार, 

‍१‍१) दानवाक्यावली,

‍१२) गोरक्षविजय,

‍१३) गयापुत्तलक



चलचित्र निर्माण (विद्यापति केर जिनगी सँ सम्बन्धित) 
‍१विद्यापति (हिन्दी, ‍१९३७ ई॰, देबकी बोस निर्देशित), 
२) विद्यापति (हिन्दी, १९६४ ई॰, प्रह्लाद शर्मा निर्देशित), 
३) कखन हरब दुख मोर (मैथिली,२००५ ई॰, संतोष बादल निर्देशित ‍) 


विशेष (प्रेरणास्रोत)
‍१) बाङ्गलाक प्रशिद्ध कवि "गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर" हिनकहि सँ प्रेरित भऽ "भानुसिंहेर पदावली" नाम सँ प्रारम्भिक रचना सभ कएलन्हि । 
२) बङ्गाल व उड़ीसा मे विद्यापतिक परवर्ती साहित्कार विद्यापति सँ प्रेरित भए हुनिकहि सदृश रचना करबाक क्रम मे "ब्रजबूलि" (व्रजबोली नञि)  नामक एक गोट नऽव साहित्यिक भाषा केँ जन्म देलन्हि जे वस्तुतः मैथिलीक संग बाङ्गला वा उड़िया केर मिश्रित स्वरूप छल (ब्रजबूलि = मैथिली + बाङ्गला वा उड़िया)  ।