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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

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Sunday, 17 July 2016

पद्य - ‍२०३ - जिराफ (बाल कविता)

जिराफ (बाल कविता)



“सितार” रहए देशी,  बिदेशी “गितार” छल ।
“हरमुनिञा” - संगीतक  साज भेल मैथिली ।।*‍१

“बाज” भेल मैथिली, “आबाज” भेल मैथिली ।
तहिना  “कंगारू” - “जिराफ”  भेल मैथिली ।।*‍१

अरबीक “बाज” छल आ अरबी “जिराफ” छी ।
अरबीमे   सेहो   बिदेशज  “जिराफ”   छी ।।*‍२

देशक  ने  जीव  ओ,  जीवहि बिदेशी  छी ।
तेँ  जे बिदेशी छल,  नाम  सएह  मैथिली ।।*‍३

ऊँटहुसँ  पैघ  देखू,  गर्दनि  आ  टाङ्ग छै ।
अफ्रिकाक  प्राणी छी,  नामहि “जिराफ” छै ।।

दुनिञामे   बेसीतर  इएह  एक  नाम  छै ।
मैथिली की ? - अंग्रेजी, हिन्दी वा आन छै ।।*‍४

बबूरक छी पात प्रिय,  शुद्ध शाकाहारी छी ।
अफ्रिकाक माँझ-पूब-दच्छिन  केर बासी छी ।।

एतबा धरि ऊँच आन धरती पर जीव नञि ।
धरती जमीन बुझू − ग्रह केर प्रतीक नञि ।।*‍५




संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

*‍१ *‍२ *‍३ - जहिना GUITAR सँ बनल गितार, HARMONIUM सँ बनल हरनुनिञा आ अरबी भाषासँ आयल शब्द “बाज” (चिड़ै) मैथिलीक विदेशज/विदेशी/बिदेसी शब्द भण्डारमे शोभायमान अछि तहिना आन बहुत रास शब्द एहि श्रेणीमे आओरहु आबैत अछि आ भविष्यहुमे आबैत रहत । ई कोनहु जिबैत भाषाक शब्दभण्डारमे होमएबला एकटा सतत प्रक्रिया अछि । कंगारू (ऑस्ट्रेलियाक एकटा प्राणीक नाँओ) आ जिराफ (अफ्रिकाक एकटा प्राणीक नाँओ) शब्दक मैथिली वा आन भाषाक (यथा - अंग्रेजी, हिन्दी आदि) शब्द-भण्डारमे आगमण सेहो एहि प्रक्रियाक भाग थिक । एहेन जीव वा कोनहु बस्तु जे एहि ठाम नञि पाओल जाइत अछि तकर स्थानीय नामकेँ हू-ब-हू स्वीकार कऽ लेब बेसी उपयुक्त थिक ।

*‍४ - मैथिलीमे “जिराफ” शब्द अरबीक “ज़राफा” शब्दसँ आयल अछि परञ्च अरबीमे सेहो ई शब्द देशज नञि । अरबीमे ई शब्द सम्भवतः सोमालिया नामक अफ्रिकी देशक भाषासँ आयल अछि । जिराफ अफ्रिका महादेशक मूल निवासी अछि आ तेँ विभिन्न अफ्की देशक भाषासभमे एकर अलग - अलग नाँओ अछि । शेष सम्पुर्ण विश्वमे ई जीव जिराफहि नाँओसँ जानल जाइत अछि ।

*‍५ - धरती पर (जमीन पर) एखन पाओल जाए बला समस्त जिबैत जीवमे “जिराफ” सभसँ ऊँच जीव (TALLEST LIVING TERRESTRIAL ANIMAL) अछि ।



मैथिली पाक्षिक इण्टरनेट पत्रिका “विदेह” केर ‍205म अंक (‍01 जुलाई 2016) (वर्ष 9, मास 103, अंक ‍205) केर “बालानां कृते” स्तम्भमे प्रकाशित ।

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