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Monday, 18 July 2016

पद्य - ‍२०७ - फूलचुस्सी (बाल कविता)

फूलचुस्सी (बाल कविता)



चिड़ै छिएँ, तोँ भेम्ह तँऽ नञि छेँ !
तखन फूल पर  कथी  करै  छेँ ?
फूलहि  पर  मड़राइत   रहै  छेँ ! *‍१
कारी छेँ,  पर  बड़  चमकै  छेँ !!

ठीक कहल − हम फूल चूसै छी ।
लोक कहैछ  हमरा “फूलचूस्सी” ।
फूलक रस - मकरन्द पिउबै छी ।*‍२
मधुमाछी ने भेम्ह − चिड़ै  छी ।।

बहुत  गाढ़   भाँटा  रंगक  छी ।
देखबामे   कारी   लागैत   छी ।
सुरूज किरण पर बड़ चमकै छी ।
जगमे  आनहु  रंग  हमर  छी ।।*‍३

गाढ़  बैगनी  पुरुष - चिड़ै  छी ।
स्त्रीक    जैतूनी - भूरा    छी ।
हरियर - भूरा  पीठ ओकर  छी ।
उदर - वक्ष  पीयर - पीयर छी ।।*‍४

बस पराग  पी कऽ  ने रहै छी ।
कखनहु फऽड़क स्वाद चिखै छी ।
बेर - बेगरतेँ  बदलि जाइत छी ।
कीड़ा - मकड़ी सेहो खाइत छी ।।*‍५





संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

*‍१ - अपना दिशि गाढ़ नील-कारी रंगक चमकैत एहि चिड़ैकेँ प्रायः फूल लग मँड़राइत देखल जा सकैत अछि; पलास, सिम्मर तँऽ छीहे, फुलबाड़ीक बड़का गेना फूल पर मँड़राइत सेहो देखल जा सकैछ । एकर इएह गुण मैथिली (फूलचुस्सी), संस्कृत (पुष्पंधय पक्षी) ओ हिन्दी (शकरखोरा) भाषामे एकर नामकरणक कारण बनल आ संगहि प्राणीशास्त्रीय वर्गीरणमे (BIOLOGICAL / ZOOLOGICAL CLASSIFICATION) एकर कुल (FAMILY) केर नामकरणक (NOMENCLATURE) सेहो ।

*‍२ *‍५ - ई एहि कुलक (Family - NECTARINIIDAE) चिड़ैसभ ओना तँऽ फूलक पराग पिउबि (पीबि) कऽ रहैत अछि, मुदा बेर - कुबेर फऽल (फऽड़) या कीड़ा - मकोड़ा सेहो खाइत अछि ।

*‍३ - विश्वमे फूलचुस्सीक बहुतहु जाति (SPECIES) अछि आ लाल, पीयर, हरियर, नील आदि बहुतहु रंगक होइत अछि । मुदा, अपना दिशि आसानीसँ भेटएबला फूलचुस्सीक जाति आछि - “जामुनी फूलचुस्सी या भेम्ह चिड़ै (PURPLE SUNBIRD)” । एकर ई नाँओ एहि जातिक पुरूष सदस्यक रंगक आधार पर देल गेल अछि ।

*‍४ - अपना दिशि आसानीसँ देखबामे आबएबला फूलचुस्सीक जाति आछि − जामुनी फूलचुस्सी (PURPLE SUNBIRD) । “पुरुष-जामुनी फूलचुस्सी” गाढ़ भाँटा रंगक (गाढ़ जामुनी रंगक) (DEEP VIOLET/ PURPLE) होइत अछि जे कारी सनि बुझि पड़ैत अछि, जाहि कारणेँ मैथिलीमे फूलचुस्सीक एकटा आओर नाम अछि − “भेम्ह चिड़ै”। सुरूजक किरण पड़ला पर ओ चमचमाइत अछि आ ग्रीव-प्रदेशमे विभिन्न नील वा नील-हरियर रंगक अभ्रक (MICA) छीटल सनि बुझि पड़ैत अछि । एकर एहि गुणक कारण एकरा अंग्रेजीमे “सनबर्ड (SUNBIRD)” कहल जाइत अछि, जकर अनुदित रूप “सूर्यपक्षी” बहुत बेर हिन्दी ओ मराठीमे प्रयुक्त होइत अछि । “स्त्री-जामुनी फूलचुस्सी” केर पीठक रंग गाढ़ जैतुनी-भूरा (OLIVE BROWN) होइत अछि आ पेटक रंग पीयर या पिरौंछ (YELLOW / YELLOWISH) होइत अछि ।


मैथिली पाक्षिक इण्टरनेट पत्रिका “विदेह” केर ‍205म अंक (‍01 जुलाई 2016) (वर्ष 9, मास 103, अंक ‍205) केर “बालानां कृते” स्तम्भमे प्रकाशित ।


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