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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

Friday, 3 June 2016

पद्य - ‍१८४ - चिल्होरि या चील्ह (बाल कविता)

चिल्होरि या चील्ह (बाल कविता)







पएर छोट मजगूत पंख छै,
मुर्दाखौक    शिकारी ।
पर सामान्य ई एकर रूप छै,
ई   तँऽ   सर्वाहारी ।।*

लाल पीठ चिल्होरि ब्राह्मिणी,
आन  छै  भूरा-कारी ।*
आँखि एकर बड़ तेज होइछ तेँ,
ई छै कुशल शिकारी ।।

सधल  उड़ान  भरैछ  चिड़ै ई,
मारैछ  दक्ष  झपट्टा ।
भरल हाटमे बिनु टकरएने,
मांसु लऽ भागै पक्का ।।*

भागैत काल मांसुकेँ ओ तँऽ,
लोलहिमे  पकड़ै   छै ।
पएर ओकर कमजोर होइछ तेँ,
लोलहिसँ  झपटै  छै ।।*







संकेत आ किछु रोचक तथ्य -

* * - गरूड़क अपेक्षा चिल्होरिक चाङ्गुर बहुत कमजोर होइत अछि जखनि अपन वजनक अनुसारेँ ओकर लोल बहुत मजगूत होइत अछि । तेँ ओ अपन शिकारकेँ अपन लोलमे दाबि उड़ि जाइत अछि − नञि कि गरूड़ जेकाँ चाङ्गुरमे दाबि कऽ । ई ओना तँऽ सर्वाहारी पक्षी (OMNIVOROUS BIRD) अछि आ समय पड़ला पर किछुओ खा लैत अछि परञ्च मुख्य रूपेण ई मुर्दाखौक शिकारी चिड़ै (SCAVANGER RAPTOR / SCAVANGINGER RAPTOR BIRD) अछि ।

* - गिद्ध, गरूड़, चिल्होरि आ बाज ई सभ शब्द स्वयंमे वैविध्यपुर्ण अछि तथा कोनहु एक जातिक चिड़ै केर बोध नञि करबैछ अपितु कतेकहु जैववैज्ञानिक वंश ओ जातिसभक (BIOLOGICAL GENERA & SPECIES) समूह केर परिचायक थिक । चिल्होरि शब्दसँ माइल्विनी (MILVINAE), एलानिनी (ELANINAE) आ परनिनी (PENINAE) नामक तीन टा उपकुल (3 SUBFAMILIES) केर सदस्य जाति-प्रजातिसभक बोध होइत अछि ।

·        माइल्विनी (MILVINAE) उपकुल (SUB FAMILY) केर सदस्य मँझलुका आकारक शिकारी चिड़ै अछि पर चिल्होरि समूहमे सभसँ पैघ होइत अछि । ई बेशी समय आकाशमे मँड़राइत रहैत (HOVERING) अछि − एक ऊँचाई तक उड़लाक बाद गुड्डी (Eng. - KITE, हिन्दी - पतंग) जेना हवामे उधियाइत रहैत अछि − तेँ अंग्रेजीमे एकरा मँड़राईबला या उधियाईबला चिल्होरि (HOVERING KITES) कहल जाइत अछि । एहि तरहक परिभ्रमण ओ सम्भवतः मृत-प्राणीक खोज लेल करैत अछि । ललका चिल्होरि (RED KITE; Milvus milvus), कारी-भूरा रंगक करिया चिल्होरि (BLACK KITE; Milvus migrans), कत्थी-लाल रंगक ब्राह्मिणी चिल्होरि (BRAHMINY KITE / RED BACKED SEA EAGLE;  Haliastur indus) आदि इएह उपकुलक सदस्य अछि । मिथिलामे बेशीतर लोक इएह कुलक सदस्यकेँ चिल्होरि बुझैत अछि वा कहैत अछि ।

·        एलानिनी (ELANINAE) उपकुल (SUB FAMILY) केर सदस्य किछु छोट आकारक होइत अछि । ई आकाशमे मँड़राइत नञि रहैत अछि पर प्रायः ऊँच गाछ पर बैसि शिकारकेँ ताकैत रहैत अछि आ देखाई देला पर तेजीसँ उड़ि झपट्टा मारि शिकारकेँ लोलमे पकड़ि उड़ि भागैत अछि तेँ अंग्रेजीमे एकरा उड़एबला चिल्होरि (SOARING KITES) कहल जाइत अछि । एहि चिल्होरिसभक आँखिक रंग लाल (RED IRISH) होइत अछि आ देह केर वक्षोदर भाग (VENTRAL PART) प्रायः उज्जर रंगक होइत अछि । छोट आकार, उज्जर रंग, मँड़रएबाक गुणक आभाव आदिक कारणेँ मिथिलामे प्रायः एकरा बाज कहि देल जाइत अछि ।

·         परनिनी (PENINAE) नामक उपकुलमे (SUB FAMILY) शेष बचल चिल्होरिसभ आबैत अछि ।





* - चाहे ओ कोनहु प्रकारक चिल्होरि हो (नञि कि गरूड़), पर ओकर उड़ान एतेक सधल ओ दक्ष होइत अछि कि बहुत भीड़-भाड़बला हाट-बजारमे सेहो बिना कोनहु मनुक्खसँ टकरएने कसाईक दोकानपरसँ मांसुक टुकड़ी या माछ वा माछक कुटिया लोलमे दाबि कऽ उड़ि भागैत अछि ।


मैथिलीमे - चील्हो = Abbreviated form of चिल्होरि


कल्याणी कोशक अनुसार -

चिलहोरि (चिल्होरि) = चील्ह, एक पक्षी = KITE = Falco chila

चील्ह = चिलहोरि (चिल्होरि) = KITE


चिलहोरि / चील्ह = एक पक्षी = KITE एहि ठाम धरि तँऽ ठीक अछि परञ्च चिलहोरि / चील्ह = Falco chila बात मान्य नञि बुझना जाइत अछि । Falco chila बहुत पुरान शब्द थिक जे सर्वमान्य कहियो नञि रहल आ आब एहि शब्दक प्रयोग भ्रमित करैछ, तेँ सर्वथा त्याज्य थिक । दोसर आ महत्त्वपुर्ण बात ई जे गरूड़, गीद्ध, बाज, चिल्होरि (चील्ह), सुग्गा, परबा (परेबा), पोरकी (पौड़की) आदि शब्दसँ ताहि चिड़ै केर कोनहु एक जाति (SINGLE BIOLOGICAL SPECIES / MONOPHYLETIC TERM) केर बोध नञि होइत अछि अपितु ई शब्दसभ एकाधिक वा बहुजातिबोधक (MULTI- / POLYPHYLETIC) शब्द थिक ।



मैथिली पाक्षिक इण्टरनेट पत्रिका विदेह केर ‍203म अंक (‍01 जून 2016) (वर्ष 9, मास 102, अंक ‍203) केर बालानां कृते स्तम्भमे प्रकाशित ।




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