Pages

मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

Tuesday, 17 January 2012

उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग - ‍१)




विज्ञान विषयक लेख सभक लेल नित नऽव पारिभाषिक शब्द सभक आवश्यकता पड़ैछ । एहि प्रकारक पारिभाषिक शब्द सभ कोनहु भाषा मे ओकर मातृक मूल भाषा (Parent / Source language) सँ बनाओल जाइछ, यथा अंग्रेजी मे लैटिन सँ  मैथिली मे संस्कृत सँ 

 
उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम
(भाग-१)


किछु दिन पहिने गाम गेल रही । साँझ खन धिया पुता सभ घेर लेलक । सभहक एक्कहिटा जिद्द जे खिस्सा सुनाउ । 
हम कहल – हमरा किस्सा तिस्सा नञि आबैत अछि । जो दादी सँ सुन गऽ ।
प्रिया – नञि यौ अहाँ झूठ बजैत छी । हम अहाँक खिस्सा सभ पढ़ने रही विदेह मे ।
ई सुनितहि बाकी धिया – पुता सेहो जोर सँ चिचिआए उठल – हमहूँ पढ़ने रही । बड्ड नीक लागल छल ।
हम – ओ तऽ इण्टरनेट पर आबै छै, तोँ सभ कोना पढ़लह ।
नन्दू बाजल – हमरा सभ केँ इस्कूल मे कम्प्यूटर देलकैए । मास्टर साहेब देखओलन्हि अहाँक लिखल खिस्सा आ पढ़ि कऽ सेहो सुनओलन्हि ।

विकास – हाँ यौ, हऽम एक जनवरी कऽ पटना मे मामा लग रही । हुनिका लऽग मे लैपटॉप छन्हि, ओत्तहि अहाँक लीखल खिस्सा पढ़लहुँ , बहुत नीक लागल ।
सोनी – हाँ चित्र सभ सेहो बहुते नीक रहए ।
एतबहि मे बब्बन सेहो तपाक सँ बाजि उठल – हाँ हमरा ओहने खिस्सा सुनइ के हए । हमनी के परी आर केर खिस्सा नञि सुनै के हए ।

हम – तऽ अहीं सभ बताउ - आइ की कएल जाए ? कतऽ चलल जाए ? कोन खिस्सा सुनाओल जाए ?
बब्बन – हमनी के जे अहाँ सुनेबै से सुनबै ।
प्रिया – हाँ, अहाँ अपने मोन सँ किछु सुनाउ ने । जएह अहाँ केँ नीक लागए सएह सुनाउ ।

हम – तऽ चलू आइ किछु एहेन चिड़ै सभक बारे मे सुनबैत छी जे चिड़ै रहितो चिड़ै नञि आ चिड़ै सनि नहिञो लगैत चिड़ैअहि थिक ।
नन्दू – माने ?
सोनी – बुझौअलि नञि बुझाऊ, साफ – साफ कहू ने !
प्रिया – हाँ, खिस्सा सुनबाक अछि बुझौअलि नञि ।

हम – अरे, धैर्य राखू
! कहै छी सभटा । आइ हम सभ ओहि चिड़ै सभक खिस्सा सुनए जा रहल छी जे उड़ि नञि सकैत अछि – तेँ पहिल नजरि मे ओ सभ चिड़ै नञि बुझि पड़ैत अछि । 
सोनी – मतलब की चिड़ै रहितहु ओ चिड़ै नहि ।

हम – एकदम सही । पर ओकर सभक पुरखा लोकनि उड़ैत छलाह । वातावरणक प्रभाव आ आवश्यकता केर अनुसार धीरे – धीरे ओ सभ उड़नाइ छोड़ि देलन्हि आ तेँ आब ओ सभ नञि उड़ि सकैत छथि ।
नन्दू – मतलब कि, चिड़ै सनि नहिञो लगैत, चिड़ैअहि छथि ।
बब्बन – (कने दिमाग पर जोर दैत बाजल)  – ........वा....ता......रणक.........प्रभाव ? नञि बुझली हम ।
हम – ठीक छै, एना बुझह । हम सभ गोटे मिथिला मे रहैत छी, तेँ मैथिल छी । हमर सभ गोटाक मातृभाषा मैथिली थिक । छै ने ?

बब्बन – हाँ से तऽ छै ।
हम – हम सभ गोटे मैथिली बजैत छी पर तइयो बजबा मे थोड़ेक – थोड़ेक अन्तर थिक । जे पच्छिमी मिथिला मे रहैत छथि तनिका मैथिली मे भोजपूरीक किछु बेशिअहि शब्द मिलल रहैत अछि , तनिकर बजबाक अन्दाज सेहो कने कड़गर रहैत अछि । तहिना जे दक्षिण मिथिला मे रहैत छथि तनिका मे बाङ्गला, उड़िया आ सन्थाली आदि भाषाक कतिपय शब्द सभ मिलल रहैत अछि । जे केन्द्रिय मिथिला (बीच केर मिथिला) मे रहैत छथि तनिकर चारू कात मैथिलीए भाषा – भाषी छथि तेँ हुनिकर मैथिली मे आन भाषाक मिलावट अपेक्षाकृत बहुत कम रहैत अछि । 
नन्दू - मतलब कि, जे मैथिली भाषा – भाषी मिथिलाक सीमा भाग मे रहैत छथि हुनिकर भाषा मे आन भाषा सभक कारणेँ किछु आनो शब्द वा गुण आबि जाइत अछि जे मूलतः ओहि भाषा केर शब्द वा गुण नहि थिक । 
हम – एकदम सही । ई भेल सीमापरक मैथिली भाषा पर ओतुक्का वातावरणक प्रभाव ।
बब्बन – हूँ ऽऽऽ । नम्हर साँस लैत गम्भीरता सँ बाजल ।
हम – पर एहि तरहक वातावरणक प्रभाव सँ की भाषा बदलि जाइत छै ? नञि ने ? तहिना किछु चिड़ै सभ उड़नाइ बिसरि गेल अछि - पर ओकर पंख एखनो छै । किछु चिड़ै सभक पंख उड़बाक जगह वातावरणक माँग केर अनुरूप पानि मे हेलबाक काज अबैत अछि – पर मूलतः ओ पंखहि थिक । तेँ ओकरा सभ केँ चिड़ै नञि मानब मूर्खता अछि ।

बब्बन – हँ हमरो बगल मे कुछ लोक सभ कहय छलथिन जे रौआ के भाषा बज्जिका हए ?  पर बाबूजी कहै छथिन कि हमनी के भाषा मैथिलीए हए । बस बजै मे दड़िभंगा सँ कनेक अन्तर हए ।


हम – हँ सही कहय छथि अहाँक बाबूजी । मिथिला, विदेह, वज्जी, बज्जी, तिरहुत आ तिरभुक्ति एक्कहि भू – भाग केर पर्यायी नाँव अछि । तेँ मैथिली, बज्जिका आ तिरहुतिया सेहो एक्कहि भाषा केर नाँव भेल, अलग – अलग भाषा केर नञि । प्राचीन काल मे एकरा “मिथिला भाषा” कहल जाइत छल ।
बब्बन – हँ अब बुझली ।
सोनी – मतलब कि मैथिलिअहि केर दोसर नाँव बज्जिका आ तिरहुतिया अछि । कने - मोने जे अन्तर अछि से ओतुक्का वातावरणक असरि थिक । एहि छोट – मोट अन्तर केर आधार पर एकरा सभ केँ अलग अलग भाषा माननाइ ओहने मूर्खता भेल जेना कि एहि विशिष्ट चिड़ै सभ केँ चिड़ै नञि माननाइ ।
हम – हँ , एकदम सौ प्रतिशत सही बुझलहुँ अहाँ । खैर हम सभ मुख्य खिस्सा पर चली ।
प्रिया – हँ ।
हम – शुतुर्मुर्गक नाँव सुनने छह की ?
सब धिया – पुता एक्कहि संग बाजि उठल – हँ । अफ्रिका मे होइत छै ।
बब्बन – हँ , सहाराक मरूस्थल मे होइ हए ।
हम – बेस । पर सहारा मरूभूमिक अतिरिक्त अफ्रिका महादेशक आनहु भाग – जेना कि सवाना घासभूमि आ दक्षिण अफ्रिकाक कालाहारी मरूभूमि – आदि स्थान सभ मे ओ भैटैत अछि । शुतुर्मुर्ग केँ अंग्रेजी मे  ऑस्ट्रिच (Ostrich) कहल जाइत छै । धरती पर एखन पाओल जाएवला चिड़ै सभ मे ई सभ सँ पैघ आ भाड़ी होइत अछि । एक पुर्ण वयस्क पुरुख शुतुर्मुर्गक लम्बाई प्रायः 1.7 सँ  2 मीटर ( 5 फीट 7 इंच सँ  6 फीट  7 इंच) धरि, जखन कि पुर्ण वयस्क स्त्री शुतुर्मुर्गक लम्बाई 1.8 सँ  2.75 मीटर ( 6 सँ  9 फिट)  धरि भऽ सकैत अछि । साधारणतः एकर ओजन 60 कि॰ ग्रा॰ सँ  130 कि॰ ग्रा॰ धरि होइत अछि पर कखनो – कखनो 157 कि॰ ग्रा॰ धरि सेहो देखल गेल अछि । एकर टाँग आ गर्दनि नाम – नाम, धऽर भाग पैघ आ भारी पर मूरी बहुत छोट होइत अछि । जमीन सँ मूरी धरिक एकर उँचाई करीब 2  मीटर (6.6 फीट) तक होइत अछि ।  मूरीक आकार छोट रहितहु आँखि बहुत पैघ – पैघ होइत अछि । एकर आँखिक आकार समस्त रीढ़युक्त प्राणी (Vertebrates; जाहि प्राणी सभ मे रीढ़क हड्डी या ओकर समान कोनो संरचना होइत अछि) सभ मे सभसँ पैघ होइत अछि – एकर आँखिक व्यास  (diameter) लगभग 50 मिली मीटर आर्थात्  2 इंच धरि होइत अछि । बहुतहि तीक्ष्ण देखबाक आ सुँघबाक शक्तिक कारण ओ दूरहि सँ अपन दुश्मन प्राणी सभक आहटि बूझि सकैत अछि आ सचेत भऽ सकैत अछि । 



पवन – अपना सभ मैथिल जेकाँ नञि, कि लऽग मे बैसलो दुश्मन केँ नञि चीन्हि सकी । अपन घऽर धू – धू कऽ जड़ैत रहय आ दोसराक संग बैसि कऽ थोपड़ी बजबैत रही ।
हम -  हूँऽऽ । बड्ड फुराए छऽ तोरो । खैर, जीव विज्ञान वा प्राणीशास्त्रक (Life Science / Biology / Zoology)   भाषा मे एकर नाँव स्ट्रुथिओ कैमेलस् (Struthio camelus)  थिक । 
नन्दू – कैमेल माने ऊँट ।
हम – हाँ, कैमेल माने ऊँट । ऊँटहि सन शुतुर्मुर्गक पीठ पर सेहो कुब्बर होइत अछि आ रहितो अछि ऊँटहि जेना मरूस्थलहि मे - तेँ कैमेलस् । एकर पएरक हड्डी आ मांसपेशी बहुत मजबूत होइत अछि आ तेँ विपत्तिक समय मे ओ 70 कि॰ मि॰ प्रति घण्टाक गति सँ प्रायः आधा घण्टा धरि दौड़ि सकैत अछि । ओ सभ झुण्ड मे रहैत अछि जकर नेतृत्व कोनो ने कोनो पुरुख शुतुर्मुर्ग करैत अछि । एक झुण्डक सभ स्त्री सदस्य लोकनि माटिक तऽर मे बनल एक्कहि घोसला मे अण्डा दैत छथि । आ ई अण्डा सभ देखै मे भलेहि हमरा सब केँ एकरँगाह लागय पर सभ स्त्री शुतुर्मुर्ग अपन अपन अण्डा केँ चीन्हि सकैत छथि - छै ने आश्चर्यक गप्प ! आ एतबहि नञि स्त्री शुतुर्मुर्गक एक अण्डाक व्यास (diameter) 30 सँ  60 सेण्टी मीटर ( 12 सँ  24 इंच) धरि भऽ सकैत अछि ।
बब्बन – अरे ! ई तऽ फूटबॉल सऽ सेहो पैघ होइ हए ।



हम – हाँ । शुतुर्मुर्गक अण्डा संसार मे सभसँ पैघ होइत अछि ।  शुतुर्मुर्ग  ओना तऽ शाकाहारी होइत अछि पर भोजनक अभाव मे छोट – मोट कीड़ा मकोड़ा खा कऽ सेहो गुजर करैत अछि । माँसु, चमड़ा आ पंखक लेल पिछला 200 वर्ष मे एकर अत्यधिक शिकार होयबाक कारणेँ आइ ई विलुप्त होयबाक स्थिति मे आबि गेल अछि आ सम्प्रति संरक्षित वन्य प्राणी अछि । 
प्रिया – ई तऽ बहुत दुखक गप्प थिक ।
हम – हाँ से तऽ छै । शुतुर्मुर्गक बाद उँचाई मे दुनिञाक सभसँ पैघ चिड़ै अछि – एमू (Emu) । एकर अधिकतम् ऊँचाई 1.5  सँ 1.9 मीटर (5 फीट सँ  6 फीट  3 इंच धरि) होइत अछि । ओ ऑस्ट्रेलिया केर मूल निवासी अछि आ ओतहि पाओल जाइत अछि । ओकर जैववैज्ञानिक नाँव थिक ड्रोमैअस नॉवीहॉल्लैण्डी (Dromaius novaehollandiae) । एमू प्रायः समस्त ऑस्ट्रेलिया मे विचरण करैछ । आ ताहि कारणेँ ......................
................... आ ताहि कारणेँ ओ ऑस्ट्रेलिया केर राष्ट्रिय चिड़ै थिक विकास बीच्चहि मे बाजि उठल ।



हम – अरे वाह अहाँ केँ तऽ बूझल अछि । 
विकास – हाँ G.K. केर किताब मे पढ़ने छलियै ।
हम - एमू ओना तऽ शाकाहरी होइत अछि पर विपत्तिक समय मे सर्वाहारी (Omnivorous)  भऽ जाइत अछि आ अपन भूख मेटाबय लेल चमगादर आ छोट – छोट कीड़ा मकोड़ा केँ सेहो खा जाइत अछि । एकर पएर बहुत मजबूत आ तीनू औंठाक नऽह तिक्ष्ण नोक वाला भाला सन चांगुर (पञ्जा) मे परिवर्तित भऽ गेल अछि । ई चांगुर एतेक मजबूत होइत अछि कि लोहाक ताड़क सामान्य छहड़देवाली केँ तोड़ि सकैत अछि आ शिकारी शत्रु सभ सँ अपन रक्षा करबाक हेतु प्रयुक्त होइछ । 
सोनी – ई तऽ शुतुर्मुर्गे जेकाँ अछि ।



हम – हाँ किछु – किछु पर ओहि सँ अलग विशेषता सेहो रखैत अछि । जेना कि जरूरत पड़ला पर ओ पानि मे हेल सकैत अछि । एमू राति मे लगातार नञि सूति सकैत अछि । ओ ओना तऽ करीब  7  घण्टा सुतैत अछि पर हरेक 90-120 मिनट पर किछु खएबाक लेल वा मल विसर्जनक लेल उठैत अछि । एहि प्रकारेँ एक राति मे ओ निन्न सँ चारि सँ छौ बेर उठैत अछि । शुतुर्मुर्ग बेशी समय झुण्ड मे रहैत अछि आ यथासम्भव मनुक्ख सँ दूर रहए चाहैत अछि जखन कि एमू बेशी समय एकसरि रहैत अछि पर ओकरा मनुक्खक  उपस्थिति सँ परहेज नञि छै ।  उनटहि ओ उत्सुकतावश मनुक्खक घऽरक नजदीक सेहो अबैत अछि आ मनुक्ख तथा आन जीवक चेष्टा वा नकल सेहो करैत अछि ।  
प्रिया – तखन तऽ ओहो एहि मामिला मे नकलची बानर आ सुग्गा सनि भेल ।
हम – एकदम्महि की । स्त्री एमू बहुत बेर दोसर एमू केर घोसला मे अपन अण्डा दैत अछि । एहि तरहक घटना केँ जीवविज्ञान मे पोषक परजीविता (Brood parasitism) कहल जाइत अछि ।
पवन – यौ एहने काज कोयली सेहो करैत अछि । ओ कौआ केर घोसला मे चुपचाप अण्डा दैत अछि आ अपने भागि जाइत अछि । कौअहि कोयलियोक अण्डाक केँ अप्पन अण्डा बुझि देख - रेख करैत रहैत अछि ।
हम – ठीक बुझल अछि पवन बाबू । बस थोड़ेक अन्तर छै, कौआ आ कोयली दूनू अलग अलग तरहक चिड़ै अछि पर एहि ठाम एक एमू दोसर एमूक घोसला मे अण्डा दैत अछि । एमू केर सम्पुर्ण आयु 10 सँ 20 वर्षक होइत छैक । 1788  ई॰ मे जखन यूरोपवासी पहिल बेर ऑस्ट्रेलिया मे बसय गेलाह तऽ ओ खएबाक लेल एमू केर मांसु आ डिबिया जड़यबाक लेल एमू केर चर्बी प्रयोग करैत छलाह । एखनहु बहुत जगह मुर्गी आ बत्तख जेकाँ मांसु, चमड़ा आ चर्बी केर लेल एकरा पोषल जाइत अछि । 

विकास – ई तऽ पटना केर चिड़ियाखाना मे सेहो छै । ओतऽ एहने सनि एकटा आओरो चिड़ै छै जकर माथ पर कलगी रहैत छै गर्दनि नीला रंगक रहैत छै आ गर्दनि केर आगाँ भाग मे लाल रंगक भालरि लटकैत रहैत छै ।
प्रिया – से कोन ?
विकास – ओकर नाम छै ........... क् ........ क् ...... केशो...... अरे याद नञि आबि रहल अछि ठीक सऽ । पर ओहो ऑस्ट्रेलिया केर मूल निवासी अछि ।
हम – विकास सही कहि रहल अछि । चलू नाँव हऽम बताए दैत छी । ओकर नाँव अछि कैसोवरी (Cassowary) । ई उत्तरपुर्वी ऑस्ट्रेलिया, न्यु गिनी (New Guinea) आ आस पड़ोसक द्वीप सभक आर्द्र वर्षावन (Humid Rainforest) केर मूल निवासी अछि । सम्प्रति एकर तीनि टा जाति जिबैत अछि – दक्षिणी कैसोवरी / कैजुएरिअस् कैजुएरिअस् (Casuarius casuarius), उत्तरी कैसोवरी / कैजुएरिअस् अनअपेण्डिकुलेटस् (Casuarius unappendiculatus) आ वामन या छोटका कैसोवरी / कैजुएरिअस् बेन्नेट्टाई (Casuarius bennetti) । एहि मे सँ दक्षिणी कैसोवरी विश्वक सभसँ भारी चिड़ै (शुतुर्मुर्गक बाद) आ ऊँचाई मे तेसर सभसँ पैघ चिड़ै (शुतुर्मुर्ग आ एमूक बाद) अछि ।  एकर कलगी केँ कैस्क्यू (Casque) कहल जाइत छै, जे कि सम्भवतः अवाज ग्रहण (sound reception & acoustic communication) करबाक काज करैत अछि ।  ओना तऽ ई सर्वभक्षी (Omnivorous) अछि पर विशेष रूप  सञो फलभक्षी (Frugivorous) अछि । जखन गाछ सँ फऽल पाकि कऽ खसए लागैत अछि तऽ हरेक कैसोवरी एक - एक टा गाछ चुनि कऽ ओकरा नीचा मे बैसि जाइत अछि आ खसल फऽल सभ खा कऽ गुजर करैत अछि । सेब आ केरा सन पैघ फऽल सभ केँ सेहो बीया सहिते सौंसे भकसि जाइत अछि । फऽल खसब समाप्त भेला पर ओतय सञो आन गाछक नीचा या अनतऽ चलि जाइत अछि । नवजात कैसोवरी मैलछौंह रंगक आ भूरा रंगक धारीयुक्त (brown-striped) होइत अछि ।  एकर आयु प्रायः 40 सँ 50 वर्षक मानल जाइत अछि । एकर माँसु सीझबा मे आ पचबा मे बहुत कठिन होइछ, तेँ प्रायः उपयोग नञि कयल जाइत अछि ।



बब्बन – यौ, ईहो पानि मे हेलि सकय हए की ?
हम – बेस पूछल बब्बनजी अपने । ई पानि मे हेलए मे माहिर अछि – हेलि कऽ पैघ – पैघ नदी केँ पार कऽ सकैत अछि आ समुद्रहु मे आराम सँ हेलि सकैत अछि । एतबहि नञि घनगर जंगल – झाड़ मे सेहो करीब 50 कि॰ मी॰ प्रति घण्टा केर गति सँ दौड़ि सकैत अछि आ 1.5 मीटर ( करीब 5 फीट) धरि कूदि सकैत अछि वा छड़पि (jump) सकैत अछि ।
बब्बन – बेज्जोर ।
सोनी – एकर बाद आब कक्कर बारी छै ?
पवन – तोहर । ...................ई सुनितहि सभ धिया – पुता भभा कऽ हँसि पड़ल ।
हम – सुनह आब राति बहुत भऽ गेल छैक तेँ अजुका खिस्सा आइ बीचहि मे रोकैत छी । काल्हि खन साँझ मे आगा कहबह ।
सोनी – नञि आइए पूरा करए पड़त ।
हम – हमरा कोनो दिक्कति नञि पर अहाँ सभक माए – बाबू अहाँ सभ केँ डँटताह । ओना सूतब सेहो जरूरी थिक शरीरक लेल । जँ भरि राति खिस्से सुनैत रहब तऽ सूतब कखन ? आ से नञि तऽ काल्हि भोरे फेर इस्कूल कोना जायब ?
प्रिया – ठीके कहय छी अहाँ । हम सभ जाइत छी ।
सोनी – पर हम सभ अहाँ केँ छोड़ब नञि, काल्हि पूरा करइए टा पड़त खिस्सा ।
हम – जरूर । 


............................................................................................... (खिस्सा केर शेष भाग अगिला अंक मे)






"विदेह पाक्षिक मैथिली इ पत्रिका, वर्ष , मास ४९, अंक ९८, स्तम्भ – बालानां कृते,  दिनांक १५।०१।२०१२ मे प्रकाशित ।



No comments:

Post a Comment