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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

Thursday, 30 July 2015

पद्य - ‍१‍१२ - हे मधेपुरा केर ईञ्जन (कविता)


हे मधेपुरा केर ईञ्जन (कविता)




हे मधेपुरा  केर ईञ्जन !
भेलौ तोहर बड़ गञ्जन ।
पर चुनावसँ पहिने हर बेर,  तोहर बड़ अभिनन्दन ।।

हे मिथिला क्षेत्र मनोहर !
मिथिलाभाषा छै सुन्नर ।
पाँच बरख बड़ व्यस्त रही, तेँ आइ करी तोर वन्दन ।।

लागैए उद्योग कतेको ।
बनलैए योजना अनेको ।
चिन्ता जुनि हो, बाद चुनावक, मिथिलाकेँ देब कंगन ।।

पूरा ई देश अँहीं केर
पूरा ई राज्य अँहीं केर ।
ज्ञान धैर्य केर प्रतिमुर्ती, मिथिलाक लेल किए क्रन्दन ।।




30 JULY 2015 कऽ समय साल आ तत्पश्चात् (समय साल पत्रिकाक प्रकाशन बन्न होयबाक कारण) 07 AUG. 2015 कऽ प्रकाशनार्थ मिथिला दर्पण केर सम्पादकीय कार्यालयकेँ प्रेषित ।



- डॉ॰ शशिधर कुमर विदेह” 


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