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मिथिलाक पर्यायी नाँवसभ

मिथिलाभाषाक (मैथिलीक) बोलीसभ

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Saturday, 8 September 2012

पद्य - ९० - पूणा प्रवास – (३)‍


पूणा प्रवास – (३)‍१







बरष   दू   हजार  एक ।२
मिथिला   सञो   पूनाक,
प्रवास    शुरू    भेल ।।


दरिभंगा नञि,  पटना सँ,
पकड़ल    जे     रेल ।
पूना  –  कल्याण  नञि,
कुर्ला    धरि     गेल ।
कुर्ला  सञो  भी॰टी॰  वा,
दादर,   कल्याण    जा,
बऽस - ट्रेन   भेटल,  से
पूना    धरि     गेल ।।


बरष   दू   हजार  एक,३
सुन्नर   समाद  भेटल ।
दरिभंगा   सञो    पूना,
सप्ताहिक   ट्रेन  चलल ।
टिकट  कटओलहुँ   झट,
पूजा  आ  छठि   छल ।
चढ़लहुँ   जे   पूना   मे,
दरिभंगे   डेग   उठल ।।


तकर  बाद   कहियो  ने,
ओहि  ट्रेनक संग  भेल ।
आर॰ए॰सी॰ – वेटिंग  की,
नो – रूमक  ढंग  भेल ।
कुर्ला – कल्याण   भाया,
फेरो    प्रवास   रहल ।
ट्रेनक  आवृत्ति  बढ़ओ,
मोन मे से आश छल ।।४


बरष   दू  हजार  तीन,५
फेरो  एक बजट – रेल ।
पटना  सञो  पूना लए,
एक  नऽव  ट्रेन  देल ।
चमचमाइत डिब्बा  सभ,
बड़  नीक लगैत छल ।
नवकनिञा सनि सजलि,
मोन केँ  हरैत  छल ।।


आइ  दू  हजार  बारह,
देखल   कतोक  खेल ।
पटना   सप्ताहिक   सँ,
दैनिक    भए   गेल ।
एक्सप्रेस  रहए  तहिया,
सुपर - फास्ट    भेल ।
“तीन” सञो  प्रवास केर,
साधन   इएह   भेल ।।


नीक    बात    पटना,
बनल    अति – तेज६ ।
मुदा   किए   दरिभंगा,
रहल        बकलेल ?
भरि दिनक  जतरा कऽ,
पटना  पहुँचलहुँ  हम ।
पटना  सञो  पूना केर,
बाट आब धएलहुँ हम ।।


पटनाक    ट्रेन     केँ,
ई की  भए  गेल छल ?
नवकनिञा  असमय  मे,
बुढ़िया बनि  गेल छल ।
सेकेण्ड नञि,  थर्ड हैण्ड,
रिपेयर  सेट बॉगी छल ।
पुछबा    पर     बूझल,
कलकत्ताक  लॉबी छल ।।


बीझ    लागल   लोहाक,
चिप्पी सभ  साटल छल ।
किछु   तँ   अपर – बर्थ,
ढेकी  सनि  लागल छल ।
खएबा  लए  डेस्क होइछ,
सेहो   बिलायल    छल ।
बाहर  सञो  डिब्बा  धरि,
राँगल - पोतयल   छल ।।


रतुका    समय     बेस,
निन्न बड्ड लागल छल ।
अपरबर्थ  -   बत्ती   तेँ,
माथहि  पर टाँगल छल ।
स्वीचक    गुलामी   सँ,
ओहो   स्वतन्त्र   छल ।७
राति   भरि  आँखि  पर,
दिनकर  प्रचण्ड   छल ।।


मोन  पड़ल  एहने  सनि,
पहिनहु  किछु भेल छल ।
गंगासागर       गाड़ीक,
डिब्बा  बदलाएल  छल ।
इण्टरसिटीक       सेहो,
एहने  किछु बात  छल ।
कहिया  धरि   मिथिला –
बिहारक  ई हाल रहत ??



अर्थोपलब्धि संकेत :-



१ = “पूना प्रवास (‍१) आ (२)”  नामक हमर कविता सभ विदेहक पुर्व अंक ( वर्ष – ४, मास – ४७, अंक – ९४, ‍दिनांक - १५ नवम्बर २०११, स्तम्भ ३॰७ मे ) मे छपि चुकल अछि ।

२ = २००१ ई॰, जकर मई – जून मे (BAMS हेतु नाँव लिखएबाक लेल) हम पहिल बेर पूना गेल रही । तहि समय मे बिहार सँ पूनाक लेल रेलगाड़ीक कोनो सीधा सम्पर्क नञि छल । “पटना कुर्ला एक्सप्रेस” आ “पटना कुर्ला सुपर फास्ट एक्सप्रेस” छल जाहि मे सँ पहिल कल्याण जं॰ पर रुकैत छल आ दोसर नञि । कुर्ला टर्मिनस सँ पूनाक लेल कोनो रेलगाड़ी नञि छल । पूनाक लेल रेलगाड़ी भी॰टी॰/वी॰टी॰ (वर्तमान सी॰एस॰टी॰), दादर, थाना वा कल्याण सँ भेटैत छल।

३ = २००१ ई॰क शीतकालीन विशेष उद्घोषणा मे “दरभंगा पूणा एक्सप्रेस” ओही सालक अक्टूबर – नवम्बर सँ देल गेल ।

४ = कोनहु रेलगाड़ीक लेल “नो-रूम” (No Room / Regret) भेटबाक मतलब छै कि ओहि मे प्रतिक्षा श्रेणी (Waiting Class) धरिक टिकट उपलब्ध नञि थिक । माने कि ओहि ट्रेनक माँग वा यात्रीक संख्या बहुत बेशी थिक अर्थात् ओहि रेलगाड़ीक आवृत्ति (Frequency) बढ़ाओल जयबाक चाही । पे दुर्भाग्य सँ आइयो स्थिति सएह अछि पर एहि रेलगाड़ी आवृत्ति नहु बढ़ाओल जा रहल अछि । सम्सत मिथिलांचलक लोक दिन भरिक समय व्यर्थ गमाए, पटना आबि ट्रेन पकड़बाक लेल विवश कएल गेल छथि ।

५ = २००३ ई॰ , जहिया “पटना पूणा एक्सप्रेस” ट्रेन देल गेल । पहिने ई गाड़ी “एक्सप्रेस” जे कि बाद मे “सुपर फास्ट एक्सप्रेस” कएल गेल । पहिने ई “सप्ताहिक” छल जे कि बाद मे क्रमशः “दू-दिना”, “तीन-दिना”, “चारि-दिना” आ अन्ततः “दैनिक” कऽ देल गेल ।

६ = “अति-तेज” माने “सुपर-फास्ट” । एहि ठाम सन्दर्भतः सांकेतिक रूपेँ “दैनिक” होयबाक परिचायक सेहो ।

७ = माथ पर लागल “ट्युब-लाइट” जरिते रहैत छल । “स्वीच” केँ दबला सँ मिझाइत नञि छल ।



डॉ॰ शशिधर कुमर “विदेह”                                
एम॰डी॰(आयु॰) – कायचिकित्सा                                   
कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एण्ड रिसर्च सेण्टर, निगड़ी – प्राधिकरण,  पूणा (महाराष्ट्र) – ४११०४४,                                                                

“विदेह” पाक्षिक मैथिली इ – पत्रिका, वर्ष –५, मास –५५,  अंक –‍११३ , ०‍१ सितम्बर २०१२ मे प्रकाशित ।




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